Sunday, 23 October 2011

हर एक चीज मे आज मिलावट

कितना हम बचके चलें मगर,
मिलावट से नही बच सकते हैं हम !
हर एक चीज मे आज मिलावट ,
जहा अशुद्धता है जादा और शुद्धता है कम !!

सुबह-सुबह ही मुख शुद्धी से,
हम अपवित्र हो जाते हैं !
कई मिलावटी चीजों को ,
हम खुब चाव से खाते हैं !!

कौन है असली, कौन है नकली,
इसका पहचान तो मुश्किल है !
कई-कई मिलावटी राम,
इस नकली धन्धे मे शामिल है !!

जानवरों की हड्डी से भाई,
टूथ पेस्ट बनाए जाते !
जो दूध हमे हैं अब मिलते,
उनमे युरिया मिलाए जाते !!

कई तरह के मिष्ठानों को ,
देवो को आज चढ़ाते हैं !
मगर उनमे हम जो चिनी मिलाते,
वह हड्डियों से बनाए जाते हैं !!

घी के देखो पूरी-पराठे,
खुब चाव से खाए जाते !
पर इस घी मे भाई ,
जानवरो के चर्बी मिलाए जाते !!

विभिन्न तरह के साबुन मे,
चर्बी खुब मिलाए जाते !
कई तरह के चाकलेटों मे,
जानवरो के मांस मिलाए जाते !!

तरह-तरह के होठों के लिपस्टिक,
जो होठों की शोभा बढ़ाते हैं !
उनमे कई मासूम जानवरो के,
चर्बी को मिलाए जाते हैं !!

अनाज को सुंदर दिखने के लिए,
उन्हे पालिश करके चमकाए जाते !
कच्चे फ़लों को पकाने के लिए,
अब उन्हे दवावों हैं से पकाए जाते !!

धनिया मे मिलावट, हल्दी मे मिलावट,
मिलावट मिर्ची-मशाला मे !
नर मे मिलावट-नारी मे मिलावट,
मिलावट बहुत मधुशाला मे !!

गहनों मे मिलावट-कपड़ों मे मिलावट,
मिलावट तो लोगों के ईमान मे है !
कहने मे मिलावट -करने मे मिलावट,
मिलावट तो अब के आवाम मे है !!

कितना हम बच के चले मगर,
मिलावट से नही बच सकते है हम !
हर एक चीज मे आज मिलावट,
जहा अशुद्धता है जादा,और शुद्धता है कम !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-१२/०८/२००७, शनिवार, रात-.१५ बजे,

लोहारी,गरियाबंद, रायपुर ( . .) 

जन लोक पाल विधेयक


आजादी की लड़ाई लड़ हम चुके,
अभी भ्रष्टाचार की लड़ाई हमे लड़ना है!
उन सबके अधूरे सपनो को,
हम सबको पुरा करना है!!

आजादी की लड़ाई मे जो लगे वीर,
उन पर ऐसे ही जुल्म ढ़हाए जाते थे!
चार जुन की घटना जैसी,
उन पर भी गोलिया बरसाए जाते थे!!

भ्रष्ट-तंत्र को उखाड़ फ़ेकने का,
सभी को जीवन मे संकल्प लेना होगा!
अन्नाजी - केजरीवाल जी जैसे,
ऐसे ही हमे बनना होगा!!

जिनके मुह मे भ्रष्टा चार का खून लगा,
उन्हे ईमानदारी का दूध कहा भाएगा!
जिन्हे बेइमानी का राग लगा,
उन्हे राष्ट्रगान कहा भाएगा!!

आखिर जनलोक पाल विधेयक पर ,
सरकारी तंत्र को परेशानी क्यों है!
भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने मे,
वे अग्यानी क्यों है!!

मोहन श्रीवास्तव
दिनांक-११/०६/११,शनिवार,सुबह-८ बजे
रायपुर(छ. ग .)