Saturday, 10 March 2012

गर्व से कहो हम हिन्दू है

गर्व से कहो हम हिन्दू हैं,
यह हम सबका प्यारा नारा है !
भगवा ध्वज आदर्श हमारा ,
जो हम सब का बहुत दुलारा है !!

इसकी छाया मे खड़े हो हम
सौगन्ध आज हम खाएंगे !
भारत माता की रक्षा मे
हम अपने प्राण लुटाएंगे !!

सभी धर्मों का आदर करना,
यह कर्तव्य हमारा है !
पर हिन्दुत्व हमारा अमर रहे,
यह दृढ़ प्रतिग्य हमारा है !!

हम भारत मे रहते है तो,
हम हिन्दुस्तानी पहले है !
दुश्मन कोई आंख दिखाए तो,
हम नहले पे दहले है !!

हम सब शीतल चन्दन है,
हम प्यार से मस्तक पर सजते है !
पर नफ़रत से हमे कोई घिसता है तो,
चन्दन भी आग उगलते है !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com

६/८/२०००,रविवार,दोपहर,१.१० बजे,चन्द्रपुर महा. 

गर्मी का कहर

गर्मी की व्याकुलता से,
लोगों का हाल बेहाल हुआ !
तपती धूप मे लोगों का,
चेहरा सुर्ख सा लाल हुआ !!

होंठ सुख गये लोगों के,
चेहरे मुर्झाए हैं लगते !
इस महाताप की पिड़ा से,
अपने भी कुम्हलाए लगते !!

ए.सी. कूलर की हवा मे हैं जब तक,
तब तक दूर है गरमी उनसे !
बाहर निकलते ही उनके,
गर्मी प्यार करने को आतुर उनसे !!

सुर्योदय से सुर्यास्त तक,
लोग बिकल हो जाते हैं !
इस बेशर्मी गर्मी से लोग,
अपने कपड़ों से मुह को छिपाते है !!

पानी-छांव व ठंडी हवाएं,
जो इनका ही सहारा है !
जिनको ये तीनों नही सुलभ,
वो तो गर्मी का मारा है !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com

२५/४/१९९९,रविवार,दोपहर,३.२० बजे,चन्द्रपुर महा.