Friday, 2 August 2013

एक नही सौ-सौ दुर्गा

एक नहीं सौ-सौ दुर्गा,
जो इस देश पे, मर-मिट जाती हैं ।
अपनी कर्तव्य, परायणता से,
वे पीछे कदम, नहीं हटाती हैं ॥

आंधी नही, तूफान हैं ये,
अब इन्हें रोकना ,मुश्किल होगा ।
ये भारत की, शान हैं वे,
इन्हें अपमानित करना, मुश्किल होगा ॥

वीरों की धरती है ये,
यहां कई वीर, पैदा होते ।
अपने प्राणों की, बाजी लगा,
वे ऐसे ही काम, किया करते ॥

हमें गर्व हो ऐसे लोगों पर,
जो अपना सही, कर्तव्य निभाते हैं ।
पर उनको ईनाम, के बदले,
उन पर ऐसे ही जुल्म, ढहाए जाते हैं ॥

पर सही राह पे, चलना है तो,
उन्हें ऐसे ही अग्नि परीक्षा से, गुजरना पड़ता ।
पर सत्यमेव जयते, भी उसी की,
और हमें और बहादुर, बनना पडता ॥

हमें ऐसे लोगों के, सम्मान हेतु,
दिल खोलकर, सामने आना होगा ।
सरकारों के साथ हमें,
उन्हें उचित न्याय, दिलाना होगा ॥

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
03-08-2013,4am,saturday,

pune,m.h.

Wednesday, 31 July 2013

आधुनिक युग का भगवान है गूगल



भगवान की सत्ता, सदा से ही रही,
और सृष्टि अंत तक, रहेगी भी ।
पर आधुनिक युग का, भगवान है गूगल,
इतिहास सदा, ये कहेगा भी ॥

ब्रह्माण्ड या हो, ये दुनिया,
आज सब हमारी, मुठ्ठी में है ।
किसी भी तरह की, जानकारी,
ये सब हमारी, चुटकी में है ॥

गूगल के माध्यम, से मित्रों,
आज हम सब, पास आ रहे हैं ।
कभी जान नही,पहचान नहीं,
अपने दुःख,सुख को, बांट रहे हैं ॥

अथाह ग्यान का, सागर गूगल,
जो हम ग्यान, जो चाहे,ये देता है ।
हर मुश्किल को, आसान बनाता,
ये हम सब की, नाव को खेता है ॥

भुत,वर्तमान,भविष्य को भी,
गूगल बाबा, हमें बताते हैं ।
सागर,पृथ्वी,आकाश व जंगल,
ये हमें सब जगह की, सैर कराते हैं ॥

नेटवर्क तो कई, तरह के हैं,
पर गूगल तो, सबसे निराला है ।



सबका अपना, अलग-अलग पहचान,
पर गूगल तो, दिल वाला है ॥

जिसने भी बनाया गूगल को,
उस महापुरुष को, शत-शत है नमन ।
गूगल टीम को भी है, शत-शत नमन,
जो लगे हुए हैं, इसमें हर पल ॥
जो लगे हुए हैं, इसमें हर पल.........

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
31-07-2013,wednesday,4am,

pune,maharashtra.