Saturday, 7 September 2013

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो

ईंषान जीत सकता है जग,
और कई साहस के काम कर सकता है ।
पर पत्नी के सामने बेचारा वो,
हर पल घबराया रहता है ॥

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो,
कुछ बातों का ध्यान रहे ।
उन्हें अपने बस मे रखना है तो,
हर पल आप सावधान रहें ॥

हर बात मे उनसे लीजिये सलाह,
उनके सम्मान का हमेशा ख्याल रहे ।
भर-पूर प्यार दीजिये उन्हें.
और उनके हाथों मे धनमाल रहे ॥

उनसे आदर चाहते हैं आप,
तो उनको भी आदर देना है ।
उनके खान-पान व पोषाक की चिंता,
आपको ही बराबर करना है ॥

पत्नी खुश होती है जादा ,
जब उसके मैके की बड़ाई किया जाये ।
उसके रूप व गुण का बखान,
मीठे स्वरों मे किया जाये ॥

यदि आपसी समझ हो दोनों मे,
तो परिवार स्वर्ग बन सकता है ।
नही तो आपस की खिंचातानी मे,
घर-द्वार नर्क बन सकता है ॥

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो,
कुछ बातों का ध्यान रहे ।
उन्हें अपने बस मे रखना है तो,
हर -पल आप सावधान रहें ॥


मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com

४/४/२०१३,बृहस्पतिवार,रात्रि ९.४० बजे,

पुणे महा.

Thursday, 5 September 2013

गौ माँ तब रुदन करती होगी

खुश रहो लाल मेरे तुम सब,
ना तुमसे कोई शिकायत है ।
वे हमे जीते जी हलाल कर रहे हैं,
पर ये सबके लिये तो कयामत है ॥

मैं माँ हूं,मैने माँ का अदा किया फर्ज,
मै तुम सब को दूध पिलाती थी ।
मेरे मल-मूत्र से होता था घर शुद्ध,
और तुम्हारे घर की शोभा बढ़ाती थी ॥

कभी जब संकट आता था,तुम सब पर,
तब मै सारे संकट हर लेती थी ।
जब कभी बुरा दिन आता था,
तो मै साथ तुम्हारा देती थी ॥

आज जब मै बूढ़ी, लाचार हो गई,
तो इन कसाइयों ने हमको खरीद लिया ।
चंद रुपयों की लालच मे,
तुमने मां को अपने बेच दिया ॥

मै मर रही हूं तो मुझे मरने दो,
मुझे इसका कोई अफसोस नही ।
तुम सब खुश रहना मेरे लाल,
ये मां का सदा आशिष यही ॥

अभी संकल्प तुम सब को करना होगा,
कि हम गौ मां को अपने बचायेंगे ।
नही लाल वो दिन दूर नहीं,
जब ये तुम पर भी जुल्म ढहायेंगे ॥

ऐसी ही करुण पुकारों से,
गौ माँ तब रुदन करती होगी ।
जब तेजधार हथियारों से ,
वो जीते जी कटती होगी ॥
वो जीते जी कटती होगी....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)

www.kavyapushpanjali.blogspot.com
friday,3am,06-09-2013,(747),
pune,maharashtra.