Sunday, 6 October 2013

देवी गीत (आई हैं नौ कन्या नौ दुर्गा के रूपों मे)


आई हैं नौ कन्या ,नौ दुर्गा के रुपों मे
लाई हैं भैरव को ,देखो अपने संग मे

पहली है शैल पुत्री तो, ब्रह्मचारिणी दुजी
तीसरी है चन्द्रघण्टा ,तो कुष्माण्डा चौथी

पांचवी स्कन्दमाता,तो छठी है कात्यायनी
सातवीं कालरात्री,तो आठ महागौरी

सिद्धिदात्री है नौवीं ,तो बालक भैरव समान है
देखने मे ये छोटे-छोटे, पर महिमा बहुत महान है

सम्मान इन्हें देकर,हमे भोग लगाना है
जो कुछ भी चढ़ाते मां को,हमे इनको चढ़ाना है

आशिर्वाद हमे इनका,मिल जाना तो अच्छा है
इनकी ही दुआवों से, सब सुख तो बरसता है

आई हैं नौ कन्या, नौ दुर्गा के रूपों मे
लाई हैं भैरव को,देखो अपने संग मे

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
१८--२०१३,शाम बजे,गुरुवार,
पुणे, महा.




Saturday, 5 October 2013

देवी गीत (मइया पयजनिया बना लो हमे)

मइया पयजनिया, बना लो हमें
चरणों मे अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हर पल चरण तेरे, निहारा करुंगी
तुझे छम-छम की बोली से, पुकारा करुंगी
चाहे कोई धुन में, बजा लो हमें
चरणों में अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हमें बना लो मइया, कानों का झुमका
देखा करुंगी तुम्हारा, सुंदर मुखड़ा
चाहे कैसे भी रूप में, गढ़ा लो हमें
कानों में अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हमे बना लो मइया, मांग का सिन्दुरा
या तो बना लो मइया, चाहे तुम एंगुरा
माँ माथे की दासी, बना लो हमे
कैसे भी माँ, अपना लो हमें
मइया पयजनिया......

हमें बना लो अपनी, कलाई की चूड़ी
बजती रहुंगी मैं, हाथों मे तेरी
कैसे भी ढंग से, बजा लो हमे
हाथों में अपने, सजा लो हमे
मइया पयजनिया......

हमको बना लो मइया, सतरंगी चुंदरी
तन पे रहुंगी, शान से तुम्हरी
कैसी भी चुंदरी, बना लो हमें
अंग पे अपने, सजा लो हमें

मइया पयजनिया, बना लो हमें
चरणों मे अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
03-09-2013,tuesday,9pm,(744),
pune,maharashtra.