Friday, 27 September 2013

पर आज मिडिया एक, व्यवसाय हो गया है

भारत की तरक्की, में बड़ा हाथ,
अब की हमारी, मिडिया का है
पल-पल मिलती, हमको खबरें,
ये कमाल की नेट की, दुनिया का है

दुरदर्शन का तो, कोई जवाब नहीं,
जो सरकारों से, ही चला करता
आकाशवाणी का, भी यही हाल,
जो निष्पक्ष बात, नहीं करता

निजी चैनलों के, आने से,
भारत में मिडिया क्रांति आई
हर तरह कीखबरें देकर,
वे हम सब के, दिल मे छाई

पर आज मिडिया एक, व्यवसाय हो गया है,
जहां बस पैसे ही, कमाना मकसद है
विग्यापन से लेकर, समाचारों तक,
इनमें भ्रष्टाचार, चरम पर है

स्टिंग आपरेशनों को करके,
इनमें पैसे खुब, वसूले जाते
खबरें प्रसारित, करने से पहले,
मोल भाव हैं, किये जाते

पर आज की ऐसी, परिस्थिति में भी,
कुछ चैनल, भ्रष्टाचार से दूर हैं
वे अपनें निष्पक्ष बात से,
दर्शकों में बहुत मशहूर हैं

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com

05-08-13,monday,6.30 pm,
pune,m.h


Thursday, 26 September 2013

ये युद्ध नहीं तो और क्या है

ये युद्ध नही तो और क्या है,
वे वेष बदल-बदल कर हमको मार रहे
हम शांति का पहाड़ा रट करके,
उनकी आरती उतार रहे हैं

आतंकवादियों के माध्यम से,
वे हमपे हमले कर रहे हैं
और हम शांति वार्ता की बातें कर,
आतंकवाद की आग मे जल रहे हैं

आज सारा भारत ही,
उनके कुकृत्यों से परेशान है
हम दुश्मन हैं सदा से उनके,
और हम समझते कि दोस्त हमारा पाकिस्तान है

अब बहुत सह लिया हम सबने,
अब और अधिक बर्दास्त नहीं
उनसे सारे रिश्ते बंद करो,
ये देश की अब है मांग यही

अंग फड़क रहे हैं हमारे,
दुश्मन के शीश काटने को
मजबूर कर देंगे हम उनको,
जीवन का भीख मांगने को

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
27-09-2013,friday,8.15 a.m,(758)
pune,maharashtra



Monday, 9 September 2013

युवा शक्ति महान है

किसी भी देश की तरक्की मे,
युवा शक्ति का बड़ा हाथ है
आर्थिक,सामाजिक बैग्यानिक क्षेत्र मे,
इनका पल-पल साथ है

आज अपने देश मे भी,
युवाओं की सोच अब बदल रही है
लगभग सभी क्षेत्रों मे,
इनकी टोली बढ़ रही है

कर रहे हैं तरक्की आज जो हम,
उनमें इन सबका बड़ा योगदान है
दुनिया के किसी भी देश मे देखो,
युवा शक्ति महान है

पर आज हमारे देश के युवा,
अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं
देख-देख कर अपने देश की हालत,
इनके दिल में भय भी अंकित है

आरक्षण तुष्टिकरण से,
सबके दिल में नफरत है
जहां राजनीति की गंदी हवा से,
इनके दिलों में दहशत है

पर कर रहे नकल वे पश्चिमी सभ्यता की,
जो हम सब के लिये कभी ठीक नही
करना है नकल तो उनके विकास की करो,
जो सबके लिये हो उचित यही

किसी भी देश की तरक्की मे,
युवा शक्ति का बड़ा हाथ है
आर्थिक,सामाजिक बैग्यानिक क्षेत्र मे,
इनका पल-पल साथ है

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
10-09-2013,tuesday,5am,(751),
pune,maharashtra,