Friday, 7 October 2011

तुम इतनी क्यूं मतवाली हो

तश्वीर को तेरे दिल मे रख के,
हम सपनों मे खोए रहते हैं !
तेरी बिजली सी गिराती अदावों को,
सीने मे छिपाए रखते है !!

चांद सा मुखड़ा है तेरा,
सीना तो उफ़नती लहरें हैं !
चंदन सा खुशबू है तन तेरा,
हर अंग तो कितने सुनहरे हैं !!

चेहरे पे लटकती ए ज़ुल्फ़ें,
बादल बन चांद पे आ जाते !
बातें करती आंखें तेरी,
जो फ़ूलों की तरह है मुस्काते !!

माथे पे बेंदी तो यारा,
नदिया की कोई धारा लगती !
बालों पे तेरे पुश्पों के गुच्छ,
जैसे कोई रात सुहानी है लगती !!

कानो मे लटकते ये झुमके,
जैसे पहाड़ों से गिरते झरनें हों !
नाक की नथिया की तो चमक,
जैसे सूरज से निकलती किरणें हों !!

रत्नों का हार गले मे तेरे,
जैसे इंद्रधनुष का नज़ारा हो !
बाज़ू बंद बाहों मे ऐसे,
जैसे गगन मे चमकता सितारा हो !!

तेरी नाज़ुक सी कलाई के कंगना,
जैसे महलों के उचे कंगूरे हों !
निशानी है ये मुद्रिका तेरी,
जैसे सात जनम के फ़ेरे हो !!


कमर-करधनी ऐसे-जैसे,
आगों का कोई घेरा हो !
पायल तेरी रुन-झुन करती,
जैसे चिड़ियों का चहकता सबेरा हो !!

पावों मे लगी हुइ लाली,
जैसे कोइ लक्ष्मण  रेखा हो !
हाथों मे रची तेरी ए मेहंदी,
जैसे तेरे जीवन का लेखा-जोखा हो !!

चीर से ढका तेरा ये तन,
जैसे धरती की हरियाली हो !
घायल हो जाता है ये मन,
तुम इतनी क्यूं मतवाली हो !!
तुम इतनी क्यूं मतवाली हो....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक- १२/०३/२००१, सोमवार,शाम ६.३० बजे,
थोप्पुर घाट ,धर्मपुरी (तमिलनाडु)


मै भवरा तेरा मतवारा हूं

तुम चंद्रमुखी, चंदन सा वदन,
मै तेरा आशिक आवारा हूं !
तुम कली महकते फ़ूलों की,
मै भंवरा तेरा मतवारा हूं !!

तुम मूरत हो संगमर्मर की,
मै तुम्हे तरासने वाला हूं !
तेरी हुश्न से ,छलकती मदिरा का,
मै तो बस इक प्याला हूं !!

तुम बहती कोई नदी सी हो,
मै झरना बन के समा जाता !
तुम नील गगन की परी ही हो,
जो तुझे देख के पागल मै हो जाता !!

तुम चांद सी दिखती पूनम की,
और धरती की हरियाली हो !
खुशबू सी भरी तेरी गुलशन का,
मै अनजान सा माली हूं !!

तुम गुलवदन-नशेमन-जानेमन,
तुम प्यार का कोई नज़राना हो !
तेरी फ़ूलों से हसते होठों का,
मै तो पागल दीवाना हूं !!

तुम चंद्रमुखी, चंदन सा वदन,
मै तेरा आशिक आवारा हूं !
तुम कली महकते फ़ूलों की,
मै भंवरा तेरा मतवारा हूं !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
दिनांक-०१/०३/२००१, बृहस्पतिवार, सुबह ९ बजे,
केरला एक्सप्रेस,सेलम ं. से बल्लारशह जं. के बीच मे,