Monday, 13 January 2014

त्योहारों में त्योहार मकर संक्रांति

प्रिय मित्रों ,
Facebook,Google+,Blogger  twitter के आप सभी मित्रों को मेरा प्रणाम नमन.
आपको मकर संक्रान्ति की बहुत-बहुत बधाई हार्दिक शुभकामनाएं....


त्योहारों में त्योहार मकर संक्रांति,
जो चौदह  या पंद्रह जनवरी को आता है
हिंदू त्योहार एक यही है ऐसा,
जो अंग्रजी कैलेण्डर से मेल तो खाता है

पावन त्योहार ये हम सबका,
भगवान सुर्य दक्षिण से उत्तर हैं आते 
रंग-बिरंगे पतंग बहुत से,
निले आकाश मे उड़ाये जाते

मकर संक्रांति सारे भारत मे,
दिल से तो है मनाया जाता
पर तमिलनाडु मे पोंगल के रूप मे,
भरपूर खुशियां है लुटाया जाता

तीर्थ स्थलों मे जगह-जगह,
मेले भी खूब लगाये जाते
तरह-तरह के पकवानों से,
पेट की आग बुझाये जाते

लड्डू,ढूढ़ी,लाई,रेवड़ी,
चूड़ा-दही दिल को भाता
तिल गुड़ का विशेष दान,
इस पर्व मे खूब दिया जाता

अब तो त्योहार कहां हम मनाते मित्रों,
हम औपचारिकता बस ही इन्हें मनाते हैं
महंगाई का असर त्योहारों पर भी,
हम तो बस झूठी खुशी को दिखाते हैं
महंगाई का असर त्योहारों पर भी,
हम तो बस झूठी खुशी को दिखाते हैं....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
mob..7350088467




www.kavyapushpanjali.blogspot.com
13-01-2014,Monday,04:00PM,(828),
Pune,M.H.


Saturday, 11 January 2014

दिल्ली की सत्ता मुश्किल से मिली

भ्रष्टाचार से आहत भारत की जनता,
जो महंगाई की आग मे जल है रही
इन्हीं सब से परेशान हो आज,
ये "आप" पार्टी की तरफ बढ़ है रही

आप पार्टी का सिद्धांत,
सोच बहुत ही अच्छा है
अभी तक तो ये ईमानदार हैं,
पर आगे किसने देखा है

ईमानदारी पारदर्शिता,
इनसे और पार्टियों को सीखना है
यदि हम अच्छे तो सब अच्छा,
ये हम सब मे भी दिखना है

राजनीति की पहली पढ़ाई,
आप पार्टी ने है अपनाया
इनके लिये जो भ्रष्टाचारी हैं,
उन्हें हस के गले लगाया

लंगड़ी बैशाखी के सहारे,
दिल्ली की सत्ता मुश्किल से मिली
जहां सत्ता के सुख को पाकर,
इन सबकी तो बाहें है खिली

अभी दिल्ली की गद्दी मिली आप को,
पहले कुछ काम तो करके दिखलावो
फिर देश ही नहीं दुनिया में भी,
अपना परचम लहरावो

इतिहास गवाह रहा है सदा,
जल्दबाजी काम मे ठीक नही
अभी तो लगता सब हरा-भरा,
पर बाद मे मिलती सुखी भी नहीं
अभी तो लगता सब हरा-भरा,
पर बाद मे मिलती सुखी भी नहीं....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
11-01-2014,Saturday,02:30PM,(826),
Pune,M.H.