Saturday, 8 October 2011

हम सब बन गए है बस रबर कि मुहरें



देखते हुए भी हम हो गए अंधे,
सुनते हुए भी है बहरे!
जिव्हा रहके भी हम गूंगे,
हम सब बन गए है बस रबर की मुहरें!!

यह हाल है हम भारत वासियों का,
जहा अपराधियों को ताज पहनाया जाता!
फ़ूलो का हार पहना के उन्हे,
उनका जय-जय कार बुलाया जाता!!

दिन -दहाड़े लूट -हत्याएं करके,
वे घोटाले पे घोटाले करते हैं!
अबलावों की ईज़्ज़त लूट के वे,
मस्ती के साथ झुमते हैं!!

गरीबों का खून चूसके वे,
माला-माल बन रहे है!
बस वोटों के लिए लुभावने वादे,
वे जी भर के मुख से कर रहे हैं!!

हम जान के भी अंजान से बन,
हम उनकी ताज-पोशी करते है!
वे खून हमारा जी भर के पीते
और हम डर-डर के मरते हैं!!

मोहन श्रीवास्तव
दिनांक-१९/०५/२००१,शनिवार,सुबह-११ बजे,
थोप्पुर घाट(तमिलनाडु)

Friday, 7 October 2011

ईमानदारों के बुरे हाल

ये दुनिया हो गई है बेइमानों की,
जहां ईमान नाम की कोई चीज नही !
ईमानदारों के तो बुरे हाल,
उन्हे कही ईज़्ज़त मिलती ही नही !!

ईमानदारी की चाभी लेकर के,
वे बेईमानी का ताला खोलते हैं !
चाभी टूट जाती है मगर,
ताले तो लटकते रहते है !!

गिद्धों कि मंडली मिल कर के,
उसके वारे- न्यारे कर देते !
बेईमानी कि चोचों से मार-मार,
उसे बस अस्थि मात्र ही रहने देते !!

अब चमचों चापलूसों का,
भरपूर साम्राज्य हो रहा है !
हवाला घोटाले बाजों को,
खूब मान-सम्मान मिल रहा है !!

ईमानदारी पर चलना है तो,
भीक्षाटन के लिए तैयार रहो !
पीना है मीठा ज़हर बेईमानी का,
तो बेइमानों के आसन को करो !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)


दिनांक-१९/०४/२००१,बृहस्पतिवार,सुबह-.१५ बजे,

थोप्पुर घाट ,धर्मपुरी ,(तमिलनाडु)

राजनीति हो गया है व्यापार

आज हमारे प्यारे भारत को ,
कलियुग के पापों ने घेरा है !
जहा बेइमानों मक्कारों का,
हर-पल रहता बसेरा है !!

क्रूरता-धुर्त -चालाकी ने,
उनके दिलों मे धाक जमाया है !
इन्ही धूर्त चालाकों ने
प्यारे भारत पर आतंक मचाया है !!

राजनीति हो गया है व्यापार,
जहां पैसे ही कमाना मकसद है !
चाहे पक्ष या हो बिपक्ष,
सबको बस वोटों की चाहत है !!

जो अपराध रक्त से सिंचित हो,
उनसे भला देश का क्या होगा !
ऐसे भीगे कम्बलों मे,
बस पाप ही पाप भरा होगा !!

जो बचे-खुचे हरिश्चंद्र भी हैं,
उनकी हालत दातों मे जीभ सी है !
भ्रष्टाचार के आवरण मे रह कर,
उनकी उपस्थिती एक टंगी हुई तश्वीर सी है !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-०४/०४/२००१ ,बुद्धवार, सुबह-.१० बजे
थोप्पुर घट, धर्म पुरी,(तमिल नाडु)