Monday, 19 February 2024

गजल( सब छूट गया )


सब छूट गया दिल टूट गया ।
मेरा प्यार तो आज है रूठ गया ।।


सब छूट गया..........

सपने तो सजाये हुए थे हम ।
मेरा प्यार तो कोई लूट गया ।।

सब छूट गया.........

हम देख रहे कुछ कह ना सके ।
ऐसा क्यों हुआ सब पूछ रहा ।।

सब छूट गया.........

हमको न पता न ही मुझको खबर ।
वो जो वादे किये वो झूठ रहा ।।

सब छूट गया.........

बेवफा हम न थे हम  वफ़ा पे तो थे ।
मेरे साथ तो आज है धोखा हुआ ।।

सब छूट गया.........

मैंने फूल बिछाए थे उनके लिए ।
वो तो कांटो का हार है खूब दिया ।।


सब छूट गया दिल टूट गया ।
मेरा प्यार तो आज है रूठ गया ।।

सब छूट गया..........

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
21-03-2014,friday.09:00PM.(863),
In pune-bilaspur express train
Near Ahmed Nagar M.H

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