Monday, 19 February 2024

इंसान से इंसान को सम्मान चाहिये

दुनिया मे हर जीव को मान चाहिये
इंसान से इंसान को सम्मान चाहिये
या हो अमीर या गरीब या भिखारी हो
एक-दुसरे से सबको सम्मान चाहिये

बच्चा,युवा,बूढ़ा,अपाहिज हो साथियों
कन्या,बेटी,बहन या औरत हो साथियों
पत्नी,पति,भाई,बहन,रिश्तेदार साथियों
हर एक को इंसान से सम्मान चाहिये

रिक्शा चलाने वाला या कोई झोपड़ी मे हो
शहर,गांव या कोई डोंगरी मे हो
या हो खिलाड़ी खेल का,या कोई मदारी हो
सबको सबसे प्यार से सम्मान चाहिये

बिधवा,बेसहारा,मजदूर कोई हो
अनपढ़,गंवार,पागल या मजबूर कोई हो
या हो अछूत या तो लाचार कोई हो
चाहे जैसे हों इन्हें सम्मान चाहिये

छोटे धंधे वाले या किसान कोई हो
चाहे जीव का देखो पहचान जो भी हो
सबको जीने रहने का अधिकार चाहिये
इंसान को इंसान से सम्मान चाहिये

दुनिया मे हर जीव को मान चाहिये
इंसान से इंसान को सम्मान चाहिये
या हो अमीर या गरीब या भिखारी हो
एक-दुसरे से सबको सम्मान चाहिये

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
28-01-2014,Tuesday,02:00pm,(844)

Pune,M.H.





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