जीवन की गाड़ी कभी रुके नहीं,
मेरे साथी चलते जाना ।
साहस साथ सदा ही रखना,
ना जरा भी घबराना ॥
जीवन की गाड़ी......
आयेगा गम का पहाड़,
दुःख के कभी तो झरने ।
होगा कभी अपमान-मान,
कभी अपनों से होंगे बिछुड़ने ॥
जीवन की गाड़ी......
होगा कभी अंजान राह,
और चारों ओर अंधेरा ।
कभी पथ मे कांटे चुभेंगे भी,
और कभी भूत का होगा डेरा ॥
जीवन की गाड़ी......
मिलेंगे काफी दोस्त मतलबी,
जिन्हें लालच ने घेरा ।
पल भर मे तुम्हें धोखा देंगे,
जिनको समझे थे मेरा ॥
जीवन की गाड़ी......
कदम बढ़ावोगे तुम कभी भी,
वे आगे बढने से रोकेंगे ।
बाधा ही बाधा आयेगा ,
वो राह को तेरे रोकेंगे ॥
जीवन की गाड़ी......
आयेंगी बड़ी-बड़ी मुश्किलें,
जो तुम्हें अकेले है सहना ।
बस पक्का इरादा और हिम्मत से,
इन सबसे आगे बढ़ना ॥
जीवन की गाड़ी......
मंजिल तुम्हें मिलेगी साथी,
बस राह कभी भी ना डगमगाना ।
लक्ष्य मिलेगा तुमको अपना,
बस कभी भी ना घबराना ॥
जीवन की गाड़ी......
दुश्मन भी पराजित हो जायेंगे,
और तुम्हें मिलेगी सफलता ।
बस स्थिर मन से काम तुम करना,
और चलना सीधा रास्ता ॥
जीवन की गाड़ी कभी रुके नहीं,
मेरे साथी चलते जाना ।
साहस साथ सदा ही रखना,
ना जरा भी घबराना ॥
जीवन की गाड़ी......
मोहन श्रीवास्तव (कवि)
27-01-2014,Monday,08:00pm,(843)
Pune,M.H.

.jpg)
.jpg)
No comments:
Post a Comment