Monday, 19 February 2024

आदमी (जीवन की गाड़ी कभी रुके नही)

जीवन की गाड़ी कभी रुके नहीं,
मेरे साथी चलते जाना
साहस साथ सदा ही रखना,
ना जरा भी घबराना
जीवन की गाड़ी......

आयेगा गम का पहाड़,
दुःख के कभी तो झरने
होगा कभी अपमान-मान,
कभी अपनों से होंगे बिछुड़ने
जीवन की गाड़ी......

होगा कभी अंजान राह,
और चारों ओर अंधेरा
कभी पथ मे कांटे चुभेंगे भी,
और कभी भूत का होगा डेरा
जीवन की गाड़ी......

मिलेंगे काफी दोस्त मतलबी,
जिन्हें लालच ने घेरा
पल भर मे तुम्हें धोखा देंगे,
जिनको समझे थे मेरा
जीवन की गाड़ी......

कदम बढ़ावोगे तुम कभी भी,
वे आगे बढने से रोकेंगे
बाधा ही बाधा आयेगा ,
वो राह को तेरे रोकेंगे
जीवन की गाड़ी......

आयेंगी बड़ी-बड़ी मुश्किलें,
जो तुम्हें अकेले है सहना
बस पक्का इरादा और हिम्मत से,
इन सबसे आगे बढ़ना
जीवन की गाड़ी......

मंजिल तुम्हें मिलेगी साथी,
बस राह कभी भी ना डगमगाना
लक्ष्य मिलेगा तुमको अपना,
बस कभी भी ना घबराना
जीवन की गाड़ी......

दुश्मन भी पराजित हो जायेंगे,
और तुम्हें मिलेगी सफलता
बस स्थिर मन से काम तुम करना,
और चलना सीधा रास्ता

जीवन की गाड़ी कभी रुके नहीं,
मेरे साथी चलते जाना
साहस साथ सदा ही रखना,
ना जरा भी घबराना
जीवन की गाड़ी......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
27-01-2014,Monday,08:00pm,(843)

Pune,M.H.


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