हो मुबारक आपको होली का त्योहार ।
रंग लगावो प्यार से,और गले मिलो मेरे यार ॥
गले मिलो मेरे यार,जिनसे है तुमको प्यार ।
रगड़-रगड़ के रंग लगाके,कर दो चेहरे लाल ॥
कर दो चेहरे लाल,अपनी प्यारी-प्यारी साली की ।
यही बहाना है मेरे भाई,अपनी भी दिल वाली की ॥
भांग और गुझिया को खाकर,हो जावो सब मतवाले ।
नैन से नैन लड़ा करके,बन जावो सब दिल वाले ॥
बन जावो दिल वाले आज,नफरत को अब बिसरा दो ।
दुश्मन भी यदि है कोई तो,उनको भी गले लगा लो ॥
उनको भी गले लगा लो,जिनका है ना कोई ।
मोहन को भी अपना बना लो,जिसे बस आश आप सबका ही ॥
मोहन को भी अपना बना लो,जिसे बस आश आप सबका ही.......
मोहन श्रीवास्तव (कवि)
14-03-2014,08:00PM,Friday,(861)
Pune,M.H
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
No comments:
Post a Comment