Tuesday, 20 August 2013

राखी बांधे प्यार से

प्यारी-दुलारी बहना रानी,
राखी बांधे प्यार से
मंगल तिलक लगा कर के,
स्वागत करती हार से

आरती उतारे अपने भइया की,
और खिलाती कई मिष्ठान है
लम्बी उम्र की दुआ मांगती,
ये भाई-बहन का प्यार है

शपथ लेते हैं हर भाई,
अपने बहनों की लाज बचाने की
चिन्ता रहती है उनको भी,
अपने बहनों के सम्मान की

प्यारी-दुलारी बहना रानी,
राखी बांधे प्यार से
मंगल तिलक लगा कर के,
स्वागत करती हार से

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
23-08-1999,monday,8.40pm,

chandrapur,maharashtra.
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