Thursday, 26 December 2013

वो तो आने की खबर पाके मचलती होंगी

वो तो आने की खबर पाके,मचलती होंगी
अब तो आयेंगे मेरे पास, संवरती होंगी
वो तो आने की खबर पाके.....

मन तो बेचैन सा होगा,कहीं भी चैन नहीं
वो तो मन मे सुहाने सपने ,



गढ़ रही होंगी
वो तो आने की खबर पाके.....

कभी जुल्फों को तो दिल से, बनाती होंगी
कभी आखों मे तो काजल ,को लगाती होंगी
वो तो आने की खबर पाके.....

कभी होठों पे लाली भी,लगाती होंगी
कभी मुखड़े को दर्पण मे, दिखाती होंगी
वो तो आने की खबर पाके.....

कभी बाहर कभी अंदर तो, टहलती होंगी
वो तो रह-रह के बिस्तर को ,पलटती होंगी

कभी खिड़की से तो नजरें, लगाई भी  होंगी
कभी दरवाजे पे दस्तक ,तो सुनाई देगी

वो तो आने की खबर पाके,मचलती होंगी
अब तो आयेंगे मेरे पास, संवरती होंगी

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
11-09-2013,wednesday,8pm,756),
in pune-hatiya expess,train.