Wednesday, 14 August 2013

ये महान हमारी सेना है

झूम रही धरती, है आज,
गगन जोर से, मुस्का है रहा ।
सबके दिल मे, है उमंग,
तिरंगा शान से, लहरा है रहा ॥

भारत माँ का, प्रहरी हिमालय,
जोर-जोर से, गा है रहा ।
धरती का स्वर्ग, कश्मीर हमारा,
हम सब के दिलों, को भा है रहा ॥

नभ मे बादल, ढोल बजाते,
भारत माँ खुशी से, नाच रही ।
पर रह-रह के, अपने बेटों की याद,
आज उसे भी, सता रही ॥

हम सबका ये, शान तिरंगा,
लहर-लहर, लहरा रहा है ।
प्रसन्न हो रही, आज है गंगा,
सागर तो आज, दुलरा रहा है ॥

पर हम सबकी, खुशी के असली हीरो,
ये महान, हमारी सेना है ।
हम सबको भी, मिल के उन्हें,
हर-पल दिल से दुआएं देना है ॥
हम सबको भी, मिल के उन्हें,
हर-पल दिल से दुआएं देना है.....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavypushpanjali.blogspot.in
14-08-2013,wednesday,2am,(722),

pune,maharashtra.



स्वतंत्रता दिवस यह प्यारा

आप सभी को मुबारक हो,
स्वतंत्रता दिवस यह प्यारा ।
सारे जहां से न्यारा है ,
ये तिरंगा हमारा प्यारा ॥

इसी तिरंगे के लिये उन सबने,
कितने सहे झमेले थे ।
कितने फासी पे झुले थे,
और कितने दुःख को झेले थे ॥

कितने जुल्म ढहाये थे उन पर,
अंग्रेजी सिपहसलारों ने ।
कितनो की ईज्जत लूटी थी,
उन भीड़ भरे बाजारों मे ॥

खून की होली खेले थे वे,
जलियावाला बाग मे ।
कितनो को जलाया था उन सबने,
जलती हुई उस आग मे ॥

बहुत बड़ी मुश्किल से हमे,
हमारा स्वराज मिला है ।
उन सबके बलिदानों से,
ये आजादी का पुष्प खिला है ॥

आओ हम सब प्रण करते हैं,
इस झण्डे की शान बढ़ायेंगे ।
हम सब अपनी मेहनत व लगन से,
अपने भारत को महान बनायेंगे ॥
हम सब अपनी मेहनत व लगन से,
अपने भारत को महान बनायेंगे......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
13-08-2013,tuesday,7:30pm,(721)

pune,maharashtra.