Saturday, 7 September 2013

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो

ईंषान जीत सकता है जग,
और कई साहस के काम कर सकता है
पर पत्नी के सामने बेचारा वो,
हर पल घबराया रहता है

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो,
कुछ बातों का ध्यान रहे
उन्हें अपने बस मे रखना है तो,
हर पल आप सावधान रहें

हर बात मे उनसे लीजिये सलाह,
उनके सम्मान का हमेशा ख्याल रहे
भर-पूर प्यार दीजिये उन्हें.
और उनके हाथों मे धनमाल रहे

उनसे आदर चाहते हैं आप,
तो उनको भी आदर देना है
उनके खान-पान पोषाक की चिंता,
आपको ही बराबर करना है

पत्नी खुश होती है जादा ,
जब उसके मैके की बड़ाई किया जाये
उसके रूप गुण का बखान,
मीठे स्वरों मे किया जाये

यदि आपसी समझ हो दोनों मे,
तो परिवार स्वर्ग बन सकता है
नही तो आपस की खिंचातानी मे,
घर-द्वार नर्क बन सकता है

जब श्रीमती जी को खुश रखना है तो,
कुछ बातों का ध्यान रहे
उन्हें अपने बस मे रखना है तो,
हर -पल आप सावधान रहें


मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com

//२०१३,बृहस्पतिवार,रात्रि .४० बजे,

पुणे महा.
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