Thursday, 26 September 2013

ये युद्ध नहीं तो और क्या है

ये युद्ध नही तो और क्या है,
वे वेष बदल-बदल कर हमको मार रहे
हम शांति का पहाड़ा रट करके,
उनकी आरती उतार रहे हैं

आतंकवादियों के माध्यम से,
वे हमपे हमले कर रहे हैं
और हम शांति वार्ता की बातें कर,
आतंकवाद की आग मे जल रहे हैं

आज सारा भारत ही,
उनके कुकृत्यों से परेशान है
हम दुश्मन हैं सदा से उनके,
और हम समझते कि दोस्त हमारा पाकिस्तान है

अब बहुत सह लिया हम सबने,
अब और अधिक बर्दास्त नहीं
उनसे सारे रिश्ते बंद करो,
ये देश की अब है मांग यही

अंग फड़क रहे हैं हमारे,
दुश्मन के शीश काटने को
मजबूर कर देंगे हम उनको,
जीवन का भीख मांगने को

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
27-09-2013,friday,8.15 a.m,(758)
pune,maharashtra



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