Saturday, 2 May 2015

जो भारत देश कहलाता है

देशों मे इक देश है ऐसा,
जो भारत देश कहलाता है !
सभी धर्मों का संगम है जहां,
तरह-तरह की भाषा है !!

विभिन्नता मे बसी एकता,
जिसे सब देख चकित हो जाते हैं !
अखण्ड भारत की भूल-भुलैय्या,
जिसे सब देख भ्रमित हो जाते हैं !!

रंग - विरंगे परिधाने हैं,और,
कई रूप -रंग चेहरे हैं !
ईंषानियत भरा है जन-जन-मे,
उनके तो कर्म सुनहरे हैं !!

प्रकॄति की अनुपम छटा है न्यारी,
जहां सभी ॠतुवों का मौसम है !
पावन नदियां बहती हैं जहा,
उनमे गंगा की महिमा अनुपम है !!

देवों की भूमि है भारत,
जो इतिहास गवाही देते हैं !
नारियां जहां सीता जैसी,
और पुरूष राम से रहते हैं !!

मित्रता पे जान लुटा देते,
वे पिछे से वार नही करते हैं !
पर वे शीश काट लेते दुश्मन का,
और उनके वो प्राण हर लेते हैं !!

या हो मुल्ला, या हो पंडित,
या संत- पादरी कोई हो !
श्रद्धा से उन्हे सब शीश झुकाते,
हिंदू - मुस्लिम या सिक्ख-इसाई हो !!

आपस मे वे सब भले लड़ें,
पर देश के लिए एक हो जाते हैं !
देखने मे वे सीधे -सादे,
पर दुश्मनों के लिए आग बन जाते हैं !!

देशों मे इक देश है ऐसा,
जो भारत देश कहलाता है !
सभी धर्मों का संगम है जहां,
तरह-तरह की भाषा है !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-१८/०२/२०००,शुक्रवार,समय- .२० पी.एम.
चंद्रपुर(महाराष्ट्र)
  





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