Monday, 1 April 2024

काला बाल


बुढ़ापा को करो बाय, जब है हेयर डाई,
फटाफट बूढ़े से जवान बन जाइये।
सत्तर को साठ कर, साठ को पचास कर,
आयु दस बीस साल तुरंत घटाइये।।
बालों को काला करके, मारो बुढ़ापे को गोली
आईने के सामने खड़े हो इतराइये ।
लहरा के काले बाल, हो जाइये खुशहाल,
मुखड़े के अपने प्रभाव को बढ़ाइये ।।

जब पके मेरे बाल, देवी जी का सूजा गाल,
बोली जाके आज बाल काले करवाइए।।
करूंगी न बातचीत , भूल जाना प्रीत वीत,
और कोई काम धाम मुझे ना बताइए ।
मेरे साथ घूमने को जाना है जो आपको तो
जाइए जी जाइए बहाने न बनाइए।
बोली मैं तो जानती हूं आप की सच्चाई सब,
बूढ़े हो रहे हो ये न जग को जनाइए।।

देवी जी की बात मांन, गया नाई की दुकान,
बोला  मुझे कर दो जवान लीप पोत कर l।
मुस्काते हुए मुझे नाई बोला बैठ जाओ,
कुर्सी पे बैठा मैं भी दांत को निपोरकर।।
दांत जो निपोरा मैंने वो भी मेरा नकली था,
आ गया बाहर साला मुंह से निकलकर।
नाई हैरान हुआ मैं भी परेशान हुआ,
बात सुलटाया मैने कैसे भी संभलकर।।

कवि मोहन श्रीवास्तव
महुदा झीट पाटन
01.04.2024

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