Saturday, 5 October 2013

देवी गीत (मइया पयजनिया बना लो हमे)

मइया पयजनिया, बना लो हमें
चरणों मे अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हर पल चरण तेरे, निहारा करुंगी
तुझे छम-छम की बोली से, पुकारा करुंगी
चाहे कोई धुन में, बजा लो हमें
चरणों में अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हमें बना लो मइया, कानों का झुमका
देखा करुंगी तुम्हारा, सुंदर मुखड़ा
चाहे कैसे भी रूप में, गढ़ा लो हमें
कानों में अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

हमे बना लो मइया, मांग का सिन्दुरा
या तो बना लो मइया, चाहे तुम एंगुरा
माँ माथे की दासी, बना लो हमे
कैसे भी माँ, अपना लो हमें
मइया पयजनिया......

हमें बना लो अपनी, कलाई की चूड़ी
बजती रहुंगी मैं, हाथों मे तेरी
कैसे भी ढंग से, बजा लो हमे
हाथों में अपने, सजा लो हमे
मइया पयजनिया......

हमको बना लो मइया, सतरंगी चुंदरी
तन पे रहुंगी, शान से तुम्हरी
कैसी भी चुंदरी, बना लो हमें
अंग पे अपने, सजा लो हमें

मइया पयजनिया, बना लो हमें
चरणों मे अपने, सजा लो हमें
मइया पयजनिया......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
03-09-2013,tuesday,9pm,(744),
pune,maharashtra.


Friday, 4 October 2013

देवी गीत (अंगना मे आई हमरी मइया)


अंगना मे आई हमरी मइया,
अंजोरिया सी छाय गई दिल मे.....

अपनी मइया की तो सिंह की सवारी है
लाल चोली है और अष्टभुजा धारी है
सोने का मुकुट और खड्ग खप्पर धारी है
हंसती हुई... आई हमरी मइया,
अंजोरिया सी छाय गई दिल मे
अंगना मे आई...........

मइया तो हमरी है भाव की भुखी
कोई खिलाये चाहे रुखी-सुखी
शरण मे आते हैं जो ना होते कभी दुःखी
उंचे पर्वतों से आई हमरी मइया,
अंजोरिया सी छाय गई दिल मे
अंगना मे आई...........

आओ सब जन मिल के आरती उतारो
अंसुअन से मइया के चरण पखारो
दिल तो मइया की मूरत बसा लो।
अपनी दया .. ,बरसाय रही मइया...
अंजोरिया सी छाय गई दिल मे

अंगना मे आई हमरी मइया,
अंजोरिया सी छाय गई दिल मे.....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
07-09-1999,tuesday,4pm,
chandrapur,maharashtra.