Tuesday, 23 July 2013

अब तक की ये सबसे रही भ्रष्ट

अब तो चुनाव है, आने वाला,
जिसमें सरकार, नींद से जागेगी
तरह-तरह के, घोषणावों की, बारिस कर,
ये हमारे वोटों, को मांगेगी

अब तक की ये, सबसे रही भ्रष्ट,
अपने पापों पे, पर्दा डालेगी
कई लुभावने, नारों से,
ये हमारे वोटों, को मांगेगी

महिलावों बच्चों का, उचित ध्यान,
किसानों के हित, की बात की जायेगी
अल्प संख्यकों के, कई कल्याण के काम,
और हम छात्रों के, हितैषी बतायेगी

पिछड़ी जातियों को, आरक्षण,
और कई उद्योग, लगाये जायेंगे
अलगाव वादियों से, होगा बात-चीत,
और सबको रोटी-कपड़ा,मकान दिलाये जायेंगे

रेल,सड़क , बिजली,पानी,
सबके लिये, सुलभ होंगे
कानून-व्यवस्था, होगा चुस्त-दुरुस्त,
सबके मन, प्रसन्न होंगे

बलात्कारियों को, कड़ी सजा,
गृहणियों को भी, खुब रिझाया जायेगा
भ्रष्टाचार मुक्त, भारत के लिये,
कठोर कदम, उठाया जायेगा

ऐसी घोषणाओं, की बारिस,
मतदान पुर्व, सन्ध्या तक होगी
यदि जीत गये तो, इन सब का भार,
मंहगाई से त्रस्त, जनता पर होगी
यदि जीत गये तो, इन सबका भार,
मंहगाई से त्रस्त, जनता पर होगी

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
16-07-2013,10pm,tuesday,
pune,maharashtra.


2 comments:

Aziz Jaunpuri said...

उत्तम प्रस्तुति

mohan srivastava (poet) said...

ajij bhai ji,
aapka sadar aabhar