Tuesday, 26 November 2013

कल दिन के उजाले आएंगे

जिंदगी की राह कठिन है,
इससे घबराना ठीक नही !
आगे आती मुश्किलों से,
 ध्यान हटाना ठीक नही !!

आती है मुश्किलें आने दो,
हंस करके इसे दिल मे भर लो !
कितना भी दुख यदि आए तो,
मन के मंदिर मे इन्हे धर लो !!

जहां दुख है तो वहां सुख भी है,
बस थोड़ा सा ईंतज़ार करो !
आंसू यदि दुख के निकल रहे,
तो कल खुशियों के आंसू से मांग भरो !!

या हो अमीर या हो गरीब,
दुख-सुख तो सभी को आते हैं !
कोई रो-रो के सह लेते है,
कोई हसते हुए पी जाते हैं !!

कांटे है जहां, वहां फ़ूल भी हैं,
कांटे ये तुम्हे तो डराएंगे !
है अंधेरी , काली रात अभी,
कल दिन के उजाले आएंगे !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक- ०४/०३/२००१, रविवार,शाम -.०५ बजे,
केरला एक्स्प्रेस, बल्लारशाह जं और सेलम के मध्य ,
चित्र ;गूगल से सादर लिया गया ।





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