Thursday, 26 December 2013

"मेरे आने की खबर पाके मचलती होंगी"


 मेरे आने की खबर पाके,मचलती होंगी |
बड़ी बेचैनी से आंगन में, टहलती होंगी ||
 मेरे आने की खबर पाके..............

सुहाने सपने सजा, जुल्फें बना,बेंदी लगा |
उनकी उम्मीदें न पल भर, को बहलती होंगी ||
मेरे आने की खबर पाके..............

मेरी दस्तक की आहट में, लगें कानो की |
सौ दफे फीकी सी ,मुस्कान बदलती होंगी ||
मेरे आने की खबर पाके..............

कभी झरोखे से ,तकने से,रहगुजारों में |
इन्तिजारी की नही, बर्फ पिघलती होगी ||
मेरे आने की खबर पाके..............

आँखों से उनके जज्बात, छलकते होंगे |
बेखयाली में तेज, धडकनें चलती होंगी ||

  मेरे आने की खबर पाके,मचलती होंगी |
बड़ी बेचैनी से आंगन में टहलती होंगी ||
 मेरे आने की खबर पाके..............


मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
11-09-2013,wednesday,8pm,756),
in pune-hatiya expess,train.



Wednesday, 25 December 2013

होगा कैसा नया साल


होगा कैसा, नया साल,
जब धरती पे, आभा उतरेगी ।
चिड़ियों के, किलकरियों के बीच,
जब नई सुबह, जब गुजरेगी ॥

सुरज की, लालिमा आने से,
अंधेरा दूर, हो जायेगा ।
कलियों के, खिलने से ही,
जो कली थी, फूल बन जायेगा ॥

खुशियों से भीगा, होगा नया साल,
जो सारे जहां मे, रोशनी लायेगा ।
दुश्मनी को जड़ से, मिटा कर के,
लोगों मे प्यार, जगायेगा ॥

नई उमंग व नया तरंग,
जन-जन मे, उत्साह भरा होगा ।
बैग्यानिक,आर्थिक व सामाजिक क्षेत्र मे,
भारत का नाम, बढ़ा होगा ॥

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
19-12-1999,sunday,12.30pm,
chandrapur,maharashtra.




Monday, 23 December 2013

हे महामहिम अटल बिहारी जी

महामहिम श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्म पर उन्हें मेरी हार्दिक शुभकामनायें व बधाई..

हे महामहिम अटल बिहारी जी,
शत-शत बार नमन तुमको ।
भारत माता के लायक सपूत,
बारम्बार नमन तुमको ॥

अपने शासन काल के दिनों मे,
तुमने जो करके दिखलाया था ।
आजादी से अब तक ना कोई,
ऐसा  तो कर पाया था ॥

अब देश के शासक, बनो ना बनो,
पर लोगों के दिलों मे छा गये तुम ।
सच्ची दृष्टि से यदि देखा जाये तो,
लोगों के दिलों को भा गये तुम ॥

दुनिया के देशों मे ईज्जत,
जो भारत को तुमने दिलाई  ।
इस अन्धी -बहरी दुनिया मे ,
अपनी आवाज व रोशनी बिखराई ॥

सत्य,अहिंशा, भाईचारे की.
नीति पे चलने वाले हो ।
कटुता,शत्रुता भुला करके,
सबको साथ मे ले के चलने वाले हो ॥

मोहन कुछ दे नही सकता है तुम्हे,
पर ईश्वर से कामना करता है ।
जग मे सूरज जैसे चमको,
दिन- रात दुआ ये करता है ॥

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
rewised on 22-06-2013,

raipur,chhattis garh.



Saturday, 21 December 2013

मोक्षदायिनी सूर्यपुत्री ताप्ती

(प्रिय सम्माननीय मित्रों,
सादर प्रणाम व नमस्ते,

आप सभी को माँ ताप्ती अपनी निर्मल धारा के समान आपके जीवन में भी सदा खुशहाली प्रदान करे...धन्यवाद)

नदियों के देश हमारे भारत में,
कई पुण्य दायिनी नदिया हैं ।
पर मोक्षदायिनी सूर्यपुत्री ताप्ती,
जिसके शनिदेव जी भइया हैं ॥

अषाढ़ शुक्ल सप्तमी के दिन,
माँ ताप्ती का अवतार हुआ ।
बेतुल जिले के मूलताई से,
इनका अबिरल प्रबाह हुआ ॥

बारहलींग नामक स्थान,
जो राप्ती नदी के तट पर स्थित है ।
भगवान श्रीराम जी के द्वारा,
जो त्रेता युग मे प्रतिष्ठित है ॥

सूर्य,ताप्ती,धर्म,पाप,
नारद,शनि,नागाबाबा प्यारा ।
ये सात कुण्ड जो इसी के तट पर,
जिनका महिमा बहुत ही है न्यारा ॥

जीवन दायिनी छायापुत्री,
और इसके तट के वासी महान है ।
एम.पी,महाराष्ट्र,गुजरात के भू-भागों को,
जो देती जल की दान है ॥

इसी के तट पर शाण्डिल्य ऋषी की तपोभूमि,
जो शांडिया गांव से जाना जाता ।
आभोरा,तावा,ताप्ती नदी के मध्य,
यहीं पे श्रवणतीर्थ भी है आता ॥

कपिल मुनि जी का आश्रम,
जहां कपिला गाय का निवास हुआ करता ।
पारसडोह है जिसका नाम पड़ा,
जो कि ताप्ती के मध्य मे रमा करता ॥


शनिदेव को अपनी बहन को,
एक दिया हुआ वरदान है ।
वे भाई-बहन अकाल मौत हैं नही मरते,

जो यम चतुर्थी के दिन इसमें करते स्नान हैं ॥

भैंसदेही के पास काशीपुष्कारिणी,
जो चन्द्रपुत्री पूर्णा नदी का उद्गम स्थल है ।
दूध की नदी भी कहते हैं इन्हें,
जो आगे राप्ती मे ही समाहित है ॥

सूर्यपुत्री माँ ताप्ती का,
हम कर सकते हैं बखान नहीं ।
इनकी कृपा बस चाहें हम,
बस अपना तो सौभाग्य यही ॥
इनकी कृपा बस चाहें हम,
बस अपना तो सौभाग्य यही....

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
21-12-2013,Saturday,03:30PM,(818),

Pune,M.H.