Wednesday, 25 December 2013

होगा कैसा नया साल


होगा कैसा, नया साल,
जब धरती पे, आभा उतरेगी
चिड़ियों के, किलकरियों के बीच,
जब नई सुबह, जब गुजरेगी

सुरज की, लालिमा आने से,
अंधेरा दूर, हो जायेगा
कलियों के, खिलने से ही,
जो कली थी, फूल बन जायेगा

खुशियों से भीगा, होगा नया साल,
जो सारे जहां मे, रोशनी लायेगा
दुश्मनी को जड़ से, मिटा कर के,
लोगों मे प्यार, जगायेगा

नई उमंग नया तरंग,
जन-जन मे, उत्साह भरा होगा
बैग्यानिक,आर्थिक सामाजिक क्षेत्र मे,
भारत का नाम, बढ़ा होगा

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
19-12-1999,sunday,12.30pm,
chandrapur,maharashtra.




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