Thursday, 30 October 2014

गजल (होगी जब उनसे मुलाकात मेरी )



होगी जब उनसे  मुलाकात मेरी,
दो दिल खुशियों से तो भर जाएंगे । 
वो जब लेंगे अपनी बाहों में ,
मेरे पलकों को शरम आएंगे ॥ 
होगी जब उनसे......

दूर होंगे वो पल जुदाई के ,
वहां बस प्यार नजर आएंगे। 
होंगी बातें मेरे इशारों में ,
वो पल कैसे भी ठहर जाएंगे ॥  
होगी जब उनसे......

चूड़ियाँ खन -खना रहे होंगे ,
पायल खुशियों के गीत गाएंगे।
धड़कनें मेरे बज रहे होंगे ,
झुमके मेरे तो मुस्कुराएंगे ॥ 
होगी जब उनसे......

माथे पे बूंदे तो पसीने की ,
वो तो रह-रह के झिलमिलाएंगे ॥ 
मेरे बिखरे हुए तो लट होंगे ,
सांसे  रह-रह के खिल -खिलाएंगे ॥ 
होगी जब उनसे......

रातें  होंगी मेरी दिवाली की ,
दिन तो होली का हम मनाएंगे । 
भोर होते ही फूलों सी खुशबू ,
शाम दीपों से जगमगाएंगे ॥ 

होगी जब उनसे  मुलाकात मेरी,
दो दिल खुशियों से तो भर जाएंगे । 
वो जब लेंगे अपनी बाहों में ,
मेरे पलकों को शरम आएंगे ॥ 
होगी जब उनसे......



मोहन श्रीवास्तव  (कवि )
28-10-2014,08;10 PM,(891)
Tuesday,Baheri,Sidhi (M.P)
Mob-9009791406







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