Thursday, 24 July 2014

पापी पेट ( यह कैसा पापी पेट )


यह कैसा पापी पेट
राजा-रंक या हो सेठ

इसका भूख कभी नही मिटता
दिन-रात भूख से ये है सिसकता

कभी यह प्यास से है व्याकुल
कभी यह भूख से है आकुल

कभी इसे दौलत की भूख
कभी इसे औरत की भूख

देखो ए कैसा स्वारथी
क्षण भर के लिए बने परमारथी

उचित-अनुचित का इसे नही विचार
सुख के लिए तजे यह सदाचार

इससे परेशान सारा संसार
ए सभी दुखों का सार

मै भी इससे ऊबा हूं
इसकी माया मे डूबा हूं

हाय-हाय है चारों ओर
यह खुश होता सुन के शोर

ऐसे मे ए अपनी शान समझता
बहुतों की ये खाल नोचता

इस पापी के अनेकों रूप
जाड़ा-गर्मी-सर्दी-धूप

माता-पिता-भाई-बहन
इसके लिए सभी जैसे ग्रहण

देखो यह कैसे है खड़ा
इसके लिए होता नित झगड़ा

यह सब सुखों की आशा है
भाई-भाई-खून का प्यासा है

इसके लिये छोड़ गांव देश
हरा-भरा सुन्दर प्रदेश

जाते है सब दूर देश
सहते ईर्ष्या-राग द्वेश

कभी-कभी ऐसा हो जाता
इसका भूख सहा नही जाता

यह कथनी कितनी सही है
पेट नही तो भेट नही है

इसकी कैसी नीच हरकतें
भूख से कई व्याकुल हो मरते

आज इससे सभी दुखी
इससे कोई नही सुखी

इससे सभी हुए नर्वश
इस पर चलता नही किसी का बस

हाय यह कैसा पापी पेट
जलचर-थलचर या नभचर शेष
हाय यह कैसा पापी पेट .......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-१२/०४/१९९१,

एन.टी.पी.सी दादरी ,गाजियाबाद(उ.प्र.)




Sunday, 13 July 2014

नरेंद्र मोदी जैसे महापुरुष का

जब जब धर्म की  हुई हानि ,
और सत्य  पे कभी प्रहार  हुआ  । 
तब तब नरेंद्र मोदी  जैसे महापुरुष  का ,
इस  धरा पे  है अवतार  हुआ ॥ 

हर आँखों  में दहशत थी भरी  हुई ,
और सब के दिल में  निराशा  थी  । 
चारों  ओर  आरजकता  थी ,
और  जीने  की नही  आशा  थी  ॥ 

जाति धर्म के नाम  पे ,
वे आपस  में  हमको  थे  बांट  रहे  । 
साम्प्रदायिकता  का  भय  दिखलाकर ,
वे माखन -मिश्री  थे चाट  रहे ॥ 

ऐसे कठिन समय में नरेंद्र  मोदी जी ,
जो आशा की किरण बन कर आये । 
घनघोर -अंधियारी  काली रात  में ,
वे नया सबेरा  लेकर आये ॥ 

जीने  की आश जगी सब में ,
और हर हिन्दुस्तानी  गर्व से मुस्का है रहा ।
 आएँगे  अच्छे  दिन अपने ,
और तिरंगा  शान  से लहरा  है रहा ॥

शासन काम और सुशासन जादा ,
ये मोदी जी की अलग पहचान है ।
भारत के सुनहरे भविष्य के लिए ,
उनके दिल में बहुत अरमान है ॥ 

सबका साथ -सबका  का विकास,
ये नरेंद्र भाई का वादा है ।
दुनिया में भारत का नाम बढ़े ,
ये उनका अटल ईरादा है॥ 

आओ हम सब भारत वासी ,
उनके हाथों को मजबूत करें । 
आपसी मतभेद भुलाकर के ,
हम भारत को भय से मुक्त करें ॥ 
आपसी मतभेद भुलाकर के ,
हम भारत को भय से मुक्त करें,,,,,,,


मोहन श्रीवास्तव (कवि)
mobile no... 9009791406 
21. 05. 2014 ,wednsday,5 pm  (866)
jhalap ,mahasamund (chattisgarh ) 


Saturday, 19 April 2014

हे नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ो

आगे बढ़ने वाले उनके कदम,
अब पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे ।
अग्नि,पर्वत,आंधी,पानी,
ये उन्हें नहीं अब रोकेंगे ॥

कोटि-कोटि भारत वासियों की.
दुआएं उनके साथ हैं ।
हे नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ो,
हम सब तो तुम्हारे साथ हैं ॥

आश लगाया है सबने,
उस आश को खोना नहीं तुम्हें ।
दीपक को जलाया है हम सबने,
वो दीपक हम सबका ना कभी बुझे ॥

मजहब व जाति-पाति से हटकर,
सब को साथ लेना होगा ।
कानून सबके लिये हो बराबर,
यह बात ध्यान देना होगा ॥

शुभ कामना है दिल से हमारी,
तुम्हें जीत ही जीत मिले ।
लोगों के दिल में कांटे यदि हों,
तो वहां कमल का पुष्प खिले ॥
लोगों के दिल में कांटे यदि हों,
तो वहां कमल का पुष्प खिले......

मोहन श्रीवास्तव (कवि)






29-10-2013,Tuesday,5:00pm,(779),

Pune,Maharashtra,