Sunday, 1 September 2013

पर गंगा नदी महान है

दुनिया मे नदी अनेको हैं,
पर गंगा नदी महान है
ये पतित -पावनी है देवी,
जो हम सब की जीवन दान है

शिव जी की ये जटा से निकली,
इसकी हर-हर ध्वनि करती लहरें
अमृत जैसा है इसका जल,
जो प्राणियों के सभी पापों को हरे

धन्य है हमारी भारत भुमि,
जहां गंगा माँ प्रगट हुई
हम सब भी तो धन्य-धन्य हैं,
जो ये यहां पे तटस्थ हुई


गंगा जल की महिमा का,
हम कर सकते हैं बखान नही
जन्म से लेकर मृत्यु तक,
इसका करते हैं रस-पान सभी

आज हो रहे इस पर अत्याचारों से,
ये मन मे बहुत रो रही है
अपने बहते आसुवों से,
हमारे पापों को धो रही है .......

मोहन श्रीवास्तव (कवि )
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
06-07-2013,saturday,7.45 pm,
pune,maharashtra.



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