Monday, 26 September 2011

अंग्रेजी के दिवाने

हम आजाद भले ही हैं,पर अन्दर से हैं गुलाम !
अंग्रेजों की नीति पर चलकर, करते हैं सब काम !!

अंग्रेज चले गए भारत से,पर हम बातें करते अंग्रेजी !
कठिन काम को हार्ड वर्क और सरल को कहते ईजी !!

गलती करने पर सारी कहते, महिला को कहते मैडम !
साहब को सर जी बोले जाते, आमदनी को इनकम !!

जिसको इंग्लिश नही है आती, वह है वेरी फ़ूल !
सब उसको इडियट कहते, औज़ार को कहते टूल !!

बड़े-बड़े जो नेता गण है, वे इंग्लिश का करते विरोध !
पर अपने व विवी - बच्चों को,इंग्लिश मे कराते है शोध !!

डिस्को डांस और डिस्को गाना, का अब आया जमाना !
नया-नया अंग्रेजी फ़ैशनसबको करता दिवाना !!

अब नाम करण मे रखे जाते, बच्चों के नाम निराले !
चिंकी ,पिंकी ,पिन्टू, पिंकू ,सोनी, बब्ली काले !!

हिंदी बोलकर, वोट को लेकर, बन जाते हैं मंत्री !
अंग्रेजी मे शपथ हैं लेते, देश को कहते कंट्री !!

ए सब अपने जेब को भरते,देश से करते फ़्राड !
यदि कसमें खानी होती हैं,तो कहते बाई गाड !!

क्या- कौन को ह्वाट- हू कहते,नाम को कहते नेम !
सन-डाटर को लड़का- लड़्की बांध को कहते डेम !!

एस्क्यूज मी, से माफ़ी मांगते,देर को कहते लेट !
बिफ़ोर को पहले कहते , तश्तरी को कहते प्लेट !!

अंग्रेजी कट मे बाल बनवाते, पोशाक पहनते अंग्रेजी !
अंग्रेजी कट मे खाना-पीना , रहते बहुत है  बिजी !!

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-११//१९९१,शाम-:१०,बुद्धवार,

तुकुम,चंद्रपुर (महाराष्ट्र)           
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