Sunday, 23 October 2011

जन लोक पाल विधेयक


आजादी की लड़ाई लड़ हम चुके,
अभी भ्रष्टाचार की लड़ाई हमे लड़ना है!
उन सबके अधूरे सपनो को,
हम सबको पुरा करना है!!

आजादी की लड़ाई मे जो लगे वीर,
उन पर ऐसे ही जुल्म ढ़हाए जाते थे!
चार जुन की घटना जैसी,
उन पर भी गोलिया बरसाए जाते थे!!

भ्रष्ट-तंत्र को उखाड़ फ़ेकने का,
सभी को जीवन मे संकल्प लेना होगा!
अन्नाजी - केजरीवाल जी जैसे,
ऐसे ही हमे बनना होगा!!

जिनके मुह मे भ्रष्टा चार का खून लगा,
उन्हे ईमानदारी का दूध कहा भाएगा!
जिन्हे बेइमानी का राग लगा,
उन्हे राष्ट्रगान कहा भाएगा!!

आखिर जनलोक पाल विधेयक पर ,
सरकारी तंत्र को परेशानी क्यों है!
भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने मे,
वे अग्यानी क्यों है!!

मोहन श्रीवास्तव
दिनांक-११/०६/११,शनिवार,सुबह-८ बजे
रायपुर(छ. ग .)
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