Monday, 14 November 2011

भारत-पाक के रिश्ते सुधरें


मित्रता हमारा मूलमंत्र,
और हम मित्रता पे जान लुटाने वाले है!
यदि कोई पसीना बहाये हम पर,
तो हम उनके लिए खून बहाने वाले है!!

भारत-पाक के रिश्ते सुधरें,
दोनो देश के अवाम यही चाहते है!
भारत सरकार का भी सदा यही प्रयास,
जिसे दुनिया वाले सराहते है!!

पर मित्रता मे छल की बू आती है,
वहां की निकम्मी सरकार से!
जहा आतंकवादियों के माध्यम से ,
हमपे हमले कराया जाता है!!

मित्रता मे दरार है आ जाता,
जब वे हमें कश्मिर का राग सुनाते है!
शान्ति के मिठे रस मे,
वे अशान्ति का जहर पिलाते है!!

कड़वी सच्चाई यही है कि,
मित्रता मे लाभ उनको ही होगा!
हम हानि सदा से सहते आए है,
नुकसान हमारा ही होगा!!

मोहन श्रीवास्तव
दिनांक-३०/०९/२००४,बॄहस्पतिवार,प्रातः ६.१५ बजे,
चिंचभुवन नागपुर(महाराष्ट्र)
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