Wednesday, 28 September 2011

महिलायें (अब आ गया जमाना महिलाओं का )

अब आ गया जमाना महिलाओं  का,
पुरुषों से ये कोई कम हैं नहीं !
हर एक क्षेत्र मे आज इनकी है पकड़,
इसमे किसी को भ्रम हो नहीं !!

पहले जब ये अनपढ थीं,
इनका शोषण बहुतों ने किया !
पर आज ये शिक्षित हो-हो कर,
अपनी श्रेष्ठता का परिचय दे ही दिया !!

कर रही तरक्की ये तेजी से,
और विकास मे बराबर की हकदार हैं !
ये भोग की कोई वस्तु नही,
ये माँ दुर्गा की अवतार हैं !!

जहां नारियों की पूजा की जाती,
व इन्हें आदर- सम्मान जहां मिलता !
यह वेदों का अमिट वाक्य,
वहां देवों का निवास हुआ करता !!

ये त्याग अनोखी हैं मिशाल,
व ममता की प्यारी मूरत हैं !
कहीं बेटी का रूप, कहीं पत्नी का स्वरूप,
कहीं मां की दिखाती सूरत हैं !!

संसार सदा है ॠणी इनका,
इनके कर्ज़ को ना कोई चुका है सका !
जिसने भी नाम कमाया जग में,

उनपे छाया रहा है सदा इनका !!

अब आ गया जमाना महिलाओं का,
पुरुषों से ये कोई कम हैं नहीं !
हर एक क्षेत्र मे आज इनकी है पकड़,
इसमे किसी को भ्रम हो नहीं !!


मोहन श्रीवास्तव (कवि)
दिनांक-०९/०३/२०१०,गुरुवार,प्रातः ९ बजे
कोंडागांव ,बस्तर,(छत्तीसगढ)


        




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