Monday, 28 November 2011

आखिरी अरमान(अन्त समय मे प्रभु जी मेरे)

अन्त समय मे प्रभु जी मेरे,
 अपना दर्शन देना !
तन से प्राण मेरे जब भी निकले,
उसकी खबर तुम लेना !!
अन्त समय मे................

मरते समय मुझे माया न व्यापे
मोह को नष्ट कर देना
अपने कर और पद से प्रभु जी
मेरे सर को छू लेना
अन्त समय मे..............

आखिरी श्वांश तक ध्यान हो तेरा
नील गगन तले तन हो मेरा
हसते-हसते नाम ले तेरा
ऐसे ही प्रभु उड़े प्राण मेरा
अन्त समय मे.............

आखिरी क्षण मे प्रभु जी मेरे
चार भुजा धर आना
कर मे अपने गदा चक्र और
कमल पुष्प को लाना
अन्त समय मे.........

साथ मे अपने,माँ लक्ष्मी संग
क्षीर निधी से आना
पुष्पहार की माला पहने
पिताम्बर धर आना
अन्त समय मे...........

गंगा नदी के सुन्दर तट पर
मेरे प्राण को हरना
मेरी अन्तिम इच्छा यही है
प्रभु जी दरश तुम देना
अन्त समय मे...........

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक -२८/९/१९९१,
शनिवार,शाम-७.२० बजे,

एन.टी.पी.सी,दादरी,गाजियाबाद,(उ.प्र.)

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