Friday, 18 November 2011

मेरे हम दम (गजल)


मेरे हम दम मेरे साथी तुम तो आज आ जावो!
तुम्हारे राह मे बैठे मेरे तुम पास आ जावो!!
मेरे हम दम मेरे साथी....
मेरे महबूब तेरी तश्वीर को हम देखते रहते!
तुम्हारे गम की यादो मे खोए-खोए से रहते!!
मेरे हम......
किया वादा आने का आज भी नही आए!
मुझे झुठे ही कहकर के तुम इतनी दूर क्यो लाए!!
मेरे हम.....
मेरे सुखे हुए बागो को थोड़ा पानी मिल जाए!
तुम्हारी उन अदावो से गुलशन के फ़ूल खिल जाए!!
मेरे हम.........
मेरी तकदीर है कैसी किसी का प्यार ना पाती!
मेरी भी तमन्ना थी किसी का हार बन जाती!!
मेरे हम........
कोई मेरे संदेशा को उन तक जाके पहुचावो!
मेरे हम दम मेरे साथी तुम तो आज आ जावो!!
मेरे हम...
सुहाना वक्त है मौसम सुहानी कैसी हरियाली!
ऐसे मे तुम आ जावो मिल जाए हमको खुशहाली!!
मुहब्बत करते है तुमसे मुहब्बत ले कर के आवो
मेरे हम....
अब मै हो गई नर्वश तुम्हारी याद कर कर के!
मुझे अब ना तुम तड़पावो मेरी फ़रियाद सुन के!!
मेरे हम....
जहा भी हो तुम जैसे हो मेरे नजदीक आ जावो!
मेरे हम दम मेरे साथी तुम तो आज आ जावो!
तुम्हारे राह मे बैठे मेरे तुम पास आ जावो!!
मरे हम....
मोहन श्रीवास्तव
दिनांक-२३/४/१९९१ मंगलवार,७.४२ शाम,
एन.टी. पी.सी.दादरी गाजियाबाद(उ.प्र.)
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