Sunday, 27 November 2011

मिला कर-मिला कर वो सजना मिला कर


मिला कर-मिला कर वो सजना मिला कर,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कर-मिला कर...............
तुम्हारे बिना मेरी हालत कैसी,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कमिला कर.................
हमे छोड़कर तुम कहा खो गये हो,जल बिन मछली का हाल है मेरा
मै तो तुम्हारे पिया राहो मे बैठी,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कर......................
रस भरे सपने दिखाए क्यो तुमने,जो सपना कभी हो न अपना
मेरे पिया अब तुम आ जावो,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कर....................
सावन की बदली ये आग बरसती,सुखे है बादल नीर बिना
तेरे बिना मेरी ऐसी ही हालत,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कर..................
घर है सुना-बाग है सुना,सुना-सुना सारा जहा है पिया
खुशुबु बिना ये फ़ूल है सुना,सुना-सुना मेरा दिल है पिया
मिला कर....................
डर लगता है इस आधी रात को,जैसे कोई चोर आ रहा हो
मेरे पिया तुम मुझे ना रुलावो,जी नही सकती मै तेरे बिना
मिला कर...........................
मेरे पिया मुझे अब ना सतावो,कुर्बान हो गई मै आज तुझ पर
तेरे सिवा और कोई नही मेरा,मेहरबान हो गई मै आज तुझ पर
मिला कर-मिला कर वो सजना मिला कर..........

मोहन श्रीवास्तव
दिनां-२७/७/१९९१ ,शनिवार ,रात्री १०.२० बजे,
एन.टी.पी.सी.दादरी ,गाजियाबाद (उ.प्र.)





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