Sunday, 27 November 2011

आराधना(श्री राम वन्दना)

सुन्दर सुशील कॄपा निधान, राम रक्ष नमा महे !
निज भक्त की प्रभु लाज राखो,कब से तेरे पद गहे !!

अनुपम अनोखे उदार भगवन,श्याम वर्ण शुशोभिते !
हम दीन हीन गरीब है,तुम क्षीर नीधि मे बिराजते !!

तेरे कर मे धनु और बाण है,पुष्पों का गले मे हार है !
मेरे स्वामी नही हम जानते,तेरी लीला अपरम्पार है !!

प्रभो स्वामी हो हनुमत के तुम,जो नित राम-राम रटा करे !
प्रभु तार देते हो उन्हे,जो राम-राम जपा करे !!

हम भी तुम्हारे चरण रज को, आखों से पाना चाहते !
मेरे दिल मे प्रभु तेरा वास हो,तेरे पास आना चाहते !!

अब तो प्रभु तुम कृपा करो,इक भक्त तुमको पुकारता !
हे नाथ तुम रक्षा करो,दुश्मन है मुझको मारता !!
सुन्दर सुशिल कॄपा निधान.....................

मोहन श्रीवास्तव (कवि)
www.kavyapushpanjali.blogspot.com
दिनांक-//१९९१,रविवार
रात्रि-.५० बजे,

एन.टी.पी.सी.दादरी ,गाजियाबाद(.प्र.)


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